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The Jalandhar Kashyap Rajput Sabha – Needs a President

द जालन्धर कश्यप राजपूत सभा का जंज घर - एक अनार सौ बीमार

जालन्धर कश्यप राजपूत सभा के जंजघर के पुनर्निर्माण के बाद गोपाल मियां जंज घर में

एक अनार सौ बीमार वाली कहावत हम सभी ने सुनी है। जिसका सीधा सादा अर्थ होता है कि चीज एक और चाहने वाले बहुत ज्यादा हैं। ऐसा ही कुछ हाल द जालन्धर कश्यप राजपूत सभा के बने हुए जंज घर का है। सभा के पिछले प्रधान स्वर्गीय गोपाल मियां के 2019 जनवरी में हुए देहांत के बाद सभा बिना प्रधान के चल रही है। गोपाल मियां ने करीब 25 साल तक प्रधानगी की और अपने स्वर्गवास होने तक वह ही सभा के प्रधान रहे। उन्होंने कभी भी संविधान के अनुसार सभा का चुनाव नहीं करवाया। इस दौरान 2005 से 2015 के बीच जंज घर की छतें भी गिर गई थी और वह एक खंडहर बन गया था। गोपाल मियां जी ने अपने राजनीतिक प्रभाव से सरकारी ग्रांट हासिल की और मास्टर मनोहर लाल की देखरेख में इसे दोबारा बनवाया गया।
उनकी मौत के 3 महीने बाद कश्यप राजपूत मैंबर्स एसोसिएशन (रजि.) ने यह मसला समाज के सामने रखा कि हमें सभा का चुनाव संविधान के अनुसार करवाना चाहिए और अपनी इस विरासत का नया प्रधान चुनना चाहिए। सभा के पुराने सदस्यों ने कोई न कोई बहाना बना कर हमेशा बात को टालना चाहा। इस दौरान जुलाई 2019 में एक मीटिंग जंज घर में हुई जिसमें सभा का चुनाव करवाने के लिए कहा गया। इसके बाद फिर कोई मीटिंग नहीं हुई और न ही इसके बारे में चर्चा हुई। इसके बाद मार्च के आखिर में कोरोना के कारण लॉकडाउन हो गया और पूरा देश बंद हो गया। अभी भी कोरोना के कारण कोई भी समाजिक इक्टठ नहीं हो रहा है और सरकार ने इस पर पाबंदी लगा रखी है। इस पाबंदी के बावजूद कुछ लोग अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा, प्रधानगी की चाहत और निजी स्वार्थ के कारण स्वयं को प्रधान मानने लग गए हैं और अपनी कार्यकारिणी बना रहे हैं। बहुत से लोग इस सभा के प्रधान बनना चाह रहे हैं। बहुत से व्यक्ति जिन्होंने कभी समाज को कोई योगदान नहीं दिया, समाज के साथ कोई लगाव नहीं है, जिनको समाज जानता नहीं है और जो समाज के नाम से बचते रहे हैं वे भी इस समय प्रधानगी की दौड़ में हैं। समाज सेवा से किसी को कोई मतलब नहीं है लेकिन हर कोई समाज की इस धरोहर पर अपना हक जताना चाह रहा है। इस दौरान समाज के बहुत से परिवारों के साथ हमारी बातचीत हुई तो सबने कहा कि नया चुनाव संविधान के अनुसार ही होना चाहिए।
इस संबंध में कश्यप राजपूत मैंबर्स एसोसिएशन (रजि.) जो कि हमेशा ही समाज सेवा के लिए तत्पर रही है और जिसके समाज को योगदान के बारे में सभी को जानकारी है का सुझाव है कि इस जंज घर के पुराने साथियों के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की जाए। यह कमेटी जालन्धर शहर में नए सिरे से सभा की मैंबरशिप बनाए। मैंबरशिप 200, 500 या 1100 रुपए जो भी सहमति से हो, वह निश्चित की जाए। शहर के हर वार्ड से मैंबर बनाए जाएं। 25 मैंबर्स के पीछे एक डैलीगेट बनाया जाए। प्रधानगी की इच्छा रखने वाले सभी को एक मीटिंग में एकत्र किया जाए और उन्हें मैंबर बनाने के लिए कहा जाए। उन्हें बताया जाए कि प्रधानगी के इच्छुक उम्मीदवार को 10 डैलीगेटस का समर्थन होना चाहिए। प्रधानगी की इच्छा रखने वाले को कम से कम अपने साथ या अपनी टीम के साथ 10 डैलीगेटस तैयार करने होंगे। सभा के मैंबर बनाने के लिए किसी को भी समाज के घरों में जाना पड़ेगा और उसे समाज के परिवारों को जानने और उनकी मुश्किलों को समझना होगा। इससे एक तो सभा के पास फंड जमा होगा और दूसरा प्रधानगी के चाहवान लोग समाज के परिवारों से मिलेंगे और उन्हें अपनी भविष्य की योजना के बारे में बताएंगे। इस तरह समाज को भी पता होगा कि हमारे समाज की धरोहर किन हाथों में सुरक्षित रहेगी और यह टीम समाज के लिए क्या करेगी? समाज के जिन लोगों को अपने समाज के इस जंज घर के बारे में नहीं पता है, उन्हें भी इसकी जानकारी मिलेगी। इससे वास्तव में समाज सेवा करने वाले लोग सामने आएंगे और सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने वाले स्वयं ही दूर हो जाएंगें। बहुत से लोग तो सिर्फ प्रधानगी के चाहवान हैं, उन्हें समाज सेवा या समाज के लोगों से मिलने में कोई लगाव नहीं है, ऐसे स्वार्थी लोगों से समाज का बचाव भी होगा और भला भी होगा।
इसके बाद जो भी चुनाव होगा उसमें समाज सेवा करने वाले सच्चे लोग सामने आएंगे। उन्हें समाज के सामने पूरी सच्चाई और ईमानदारी से काम करना होगा और सभा का हिसाब देना होगा। हम उम्मीद करते हैं कि समाज के सभी लोग और सभा के पुराने सदस्य इससे सहमत होंगे। इससे एक निष्पक्ष और सही चुनाव करवाया जाएगा। समाज को एक निस्वार्थ सेवा करने वाला सही प्रधान और सही टीम मिलेगी जो समाज को एक बार फिर बुलंदियों पर ले जाएंगे।

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